ATM का फूल फॉर्म क्या है | ATM Full Form In Hindi

ATM Full Form In Hindi , What Is ATM In Hindi , ATM  :- टेक्नोलॉजी के इस युग में, लगभग रोज ही किसी ना किसी नई तकनीक का निर्माण होता रहता है। हमारी रोजमर्रा की जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई इन तकनीकों से ना सिर्फ हमारा जीवन आसान हुआ हैं, बल्कि जीवन जीने का तरीका भी बदल गया है।

ऐसी ही एक तकनीक है ATM , आज ये नाम बच्चें बच्चे की जुबान पर है। और इसका उपयोग करना भी बहुत आसान है।

ATM Kya Hota Hai , इसे किसने , कहां और कब बनाया है, भारत में इसकी शुरुआत कब और कहां हुई , ATM फूल फॉर्म क्या है, ये कैसे और कब काम करता है, ATM के फायदे क्या है, ATM के क्या नुकसान है, हमारे जीवन को इसने कैसे आसान बना दिया है, ATM का उपयोग कैसे करते हैं और इसका उपयोग करते समय हमें क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए , इसकी पूरी जानकारी हमें इस आर्टिकल में मिलेगी।

क्योंकि लोग इस तकनीक के विषय में जानते नहीं हैं, और गलत या आधी-अधूरी जानकारी के चलते , कई गलतियां भी कर बैठते हैं। सबसे पहले हम देखते हैं , कि एटीएम या ATM का फूल फॉर्म क्या है।


ATM Full Form In Hindi 

कई लोगों को एटीएम का फूल फॉर्म या तो पता ही नहीं है, या फिर उन्हें गलत पता है। ATM का पूरा नाम अधिकतर लोगों को All time money, तो किसी को Any time money पता है, पर असल में इसका फूल फॉर्म कुछ और ही है।

ATM का फूल फॉर्म है- Automated teller machine, यानी ऑटोमेटेड टेलर मशीन। जिसके द्वारा हम कभी भी पैसा निकाल सकते हैं। जैसा कि नाम से ही जाहिर है, यह एक स्वचालित मशीन होती है, जिसमें से हम कभी भी पैसा निकाल सकते हैं।


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ATM किसने, कहां और कब बनाया है ?

ATM किसने, कहां और कब बनाया है, तो इसका जवाब है, कि ऑटोमेटेड टेलर मशीन का निर्माण सन् 1939 में, लूथर जॉर्ज सिम्जियन ने न्यूयार्क शहर में किया था। परंतु सही जानकारी के अभाव में, इसे लोगों का ज्यादा रिस्पोंस नहीं मिल पाया, और जल्दी ही छः महीने के अंदर, सिटी बैंक ऑफ न्यूयार्क द्वारा शुरु की गई यह योजना बंद हो गई।

इसके बाद एक लंबे अंतराल के बाद, 26 जून 1949 में लंडन के बार्कलेज बैंक ने एनफिल्ड नाम के एक छोटे शहर से इस मशीन की शुरुआत की। जॉन शेफर्ड बेरन ने इस मशीन का अविष्कार किया था और सबसे पहले उन्होंने ही इसमें से केश निकाल कर , इसका शुभारंभ किया था और आज एटीएम, दुनिया भर में प्रसिद्ध हो गया है।

यदि भारत की बात करे तो भारत में ही लगभग दो लाख से भी ज्यादा एटीएम है। भारत में पहला एटीएम सन् 1949 में, मुंबई में एचएसबीसी बैंक ( HSBC ) यानी हॉन्गकॉन्ग एंड शंघाई बैंकिंग कारपोरेशन लिमिटेड ने लगाया था।

शुरुआत में इस मशीन में एक कूपन डालना होता था, जो मशीन के अंदर ही रह जाता था, यानी कि केवल एक ही बार इस कूपन को उपयोग में लाया जाता सकता था। फिर धीरे-धीरे समय के साथ अनेक बदलाव और सुधार होते गए।

पहले एटीएम से केवल पैसा निकाल सकते थे, पर अब इसमें पैसा और चेक जमा भी कर सकते हैं। एटीएम हमारी जरूरत के हिसाब से कई जगहों पर लगे हो सकते हैं, जैसे स्टेशन, मॉल, हस्पताल या पेट्रोल पंप के पास, एयरपोर्ट आदि |

कई ऐसी जगहों पर जहां पर कभी भी और अचानक ही पैसों की आवश्यकता पड़ सकती है। इन एटीएम को ऑफलाइन एटीएम कहते हैं,जिनकी देखरेख का जिम्मा प्रायवेट कंपनियों पर होता है।

On Site ATM :- जो एटीएम बैंक के परिसर में ही लगे होते हैं, उन्हें ऑनसाइट एटीएम कहते हैं।

हर बैंक का अपने एटीएम होते हैं, भारत जैसे बड़े देश में हर जगह पर एटीएम रखना हर बैंक के लिए असंभव है, तो बैंकों ने आपसी तालमेल और सुविधा के हिसाब से, ग्राहकों को एक निश्चित शुल्क का भुगतान करके, किसी भी बैंक के एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा उपलब्ध करा दी हैं। यानी आपके पास किसी भी बैंक का कार्ड हो, आप अन्य बैंक के एटीएम से भी पैसा निकाल सकते हैं।

एटीएम कार्ड पर एक काले रंग की जो पट्टी लगी होती है, उसमें हमारे अकाउंट की सारी जानकारी होती है। कार्ड को एटीएम मशीन में डालने पर इलेक्ट्रॉनिक डेटा मशीन आपके कार्ड को रीड करती है,और आगे क्या करना है, उसका हमें निर्देश देती है।


ATM ( एटीएम ) का इस्तेमाल कैसे करें ( How To Use ATM In Hindi )

ATM Full Form In Hindi इसके बारे में तो हमने जान लिया, अब ATM के Use के बारे में जानते हैं | एटीएम का उपयोग बहुत ही आसान है। नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करके , आप एटीएम का इस्तेमाल करना जान सकते हैं |

  1. सबसे पहले एटीएम कार्ड को एटीएम मशीन में डालना होता है, मशीन आपके कार्ड को रीड करती है।
  2. उसके बाद आपको भाषा के चयन की सुविधा मिलती है, आपको भाषा का चुनाव करना है।
  3. अब मशीन आपको पिनकोड पुछेगी, जो हमें बैंक हमारे कार्ड के साथ देती है।
  4. पिन नंबर लिखने के बाद, आपको आपके खाते का प्रकार पुछा जाएगा, मतलब आपका बचत खाता है या करंट खाता है। आपको सही जगह पर क्लिक करना होगा।
  5. उसके बाद आप कितनी राशि निकालना चाहते हैं, पुछा जाएगा, जो आपको निर्धारित जगह पर भरनी होगी।
  6. फिर रकम को कन्फर्म करके , OK बटन पर क्लीक कर दे, आपकी रकम मशीन से बाहर निकल आएगी |

Note :- एटीएम ( ATM ) से पैसे तभी निकलेंगे, जब उस एटीएम में, उस समय रकम मौजूद हो, कोई टेक्नीकल इश्यू ना हो, आपको जितनी रकम निकालनी हो , वह एटीएम द्वारा पैसे निकालने के लिए तय की गई सीमा के अंदर हो तथा आपको जितनी रकम निकालनी है, उससे ज्यादा रकम आपके अकाउंट में पहले से जमा हो।


ATM इस्तेमाल एटीएम वक्त क्या सावधानी बरतें ? ( What precautions should be used when using ATM )

एटीएम ने हमारी कई समस्याओं का समाधान कर दिया है। जहां इसके ढेरों फायदे हैं, तो वहीं पर, नुकसान तो नहीं कह सकते पर हां कुछ सावधानियां रखने की आवश्यकता जरुर है।

आप आपकी आवश्यकता के अनुसार, कहीं से भी और कभी भी पैसा निकाल सकते हैं, वो भी बिना कोई फॉर्म भरे या लंबी लाइन में लगे। परंतु इसका इस्तेमाल जितना आसान है, उतनी ही हमें सावधानी भी बरतनें की जरूरत है।

  • एटीएम कार्ड को हमेशा संभालकर रखें। गुम होने या चोरी होने पर तुरंत बैंक को सुचित करें |
  • अपना पिन नंबर किसी भी अनजान व्यक्ती के साथ शेयर नहीं करें |
  • यदि एटीएम का उपयोग करना नहीं आता है, तो पहले उसे सीख ले, वहां जाकर किसी भी अजनबी से इसके उपयोग संबंधित सहायता ना ले।
  • पैसे निकालते समय मशीन और आसपास थोड़ा चेक करले।
  • अपने कार्ड को मशीन से बाहर निकालना ना भूलें।
  • कोई भी परेशानी हो तो सीधा बैंक से ही संपर्क करें।
  • ऑनलाइन शॉपिंग करते समय कार्ड का उपयोग सावधानी से करें।

बस इन छोटी-छोटी मगर महत्त्वपूर्ण बातों का ध्यान रखकर , आप एटीएम की सुविधाओं का लाभ तसल्ली से उठा सकते हैं।


ATM Full Form List 
  • ATM Stands For At The Moment
  • ATM Stands For Automated Teller Machine
  • ATM Stands For Asynchronous Transfer Mode


मैं आशा करता हूं , कि आपको यह post – ATM Full Form In Hindi, What Is ATM In Hindi, ATM Use Kaise Kare पसंद आई होगी |

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