कंप्यूटर का फूल फॉर्म | Computer Full Form In Hindi

दोस्तों , आज हम आपको कंप्यूटर का फूल फॉर्म ( Computer Full Form In Hindi ) बताने वाले हैं।

क्या इससे पहले आपने कभी सोचा था , कि कंप्यूटर का भी फूल फॉर्म होता है? नहीं ना.. पर आपको चिंता करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है , क्योंकि आज हम आपको कंप्यूटर का फूल फॉर्म तो बताएंगे , साथ ही कंप्यूटर के बारे में पूरी जानकारी भी देंगे।

जैसे कि :- Computer Full Form In Hindi, Computer Parts In Hindi, Computer Use Kaise Kare, Computer In Hindi, Computer Full Form List, Etc. तो फिर चलिए बिना समय गवाएं कंप्यूटर का फुल फॉर्म जानते हैं |

Computer Full Form In Hindi

Computer Full Form is “Commonly Operated Machine Particularly Used in Technical and Educational Research”.

Other Full Forms Of Computer 

  1. Common Operating Machine Particularly Used for Trade, Education, and Research.
  2. Common Operating Machine Particularly Used for Training, Education, and Reporting,.
  3. Common Operating Machine Particularly Used For Technical And Research

अभी तक हमें कंप्यूटर का फुल फॉर्म पता चल गया है , आयिए दोस्तो कंप्यूटर का हिंदी नाम भी जानते हैं। हम में से ऐसे बहुत से लोग हैं , जिन्हें नहीं पता होगा , कि कंप्यूटर को हिंदी में क्या कहते हैं।

Computer Full Form In Hindi:-

Computer को हिंदी में ” संगणक ” कहा जाता है।

इसमें कोई दो मत नहीं है , कि आज का समय , विज्ञान का युग है। 18वी सदी के मध्य और 19 वी सदी के शुरुवाती समय में एक क्रांति आयी थी , जिसे आज हम सभी औद्योगिक क्रांति के नाम से जानते हैं। इसी समय में कम्प्यूटर का जन्म हुआ।

सामान्य शब्दो में कहे तो कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है , जिसने हर क्षेत्र में क्रांती ला दी है। एजुकेशन, बिजनेस, प्रोफेशन, सभी गवर्मेंट सेक्टर, प्राइवेट सेक्टर, हॉस्पिटल्स, सिनेमा घर, मॉल  हर जगह पर कंप्यूटर ही Boss है।

मेरे कहने का मतलब यह है , कि ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है , जहां पर कम्यूटर का यूज नहीं होता है। यह कहना बिल्कुल भी ग़लत नहीं होगा , कि कंप्यूटर मानव मस्तिष्क की देन है पर मानव मस्तिष्क से भी अच्छा, जल्दी और एक्यूरेट काम करता है।

Computer Kya Hai ?

कंप्यूटर क्या है?– कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है। कंप्यूटर शब्द लैटिन भाषा के कंप्यूट शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है , गणना करना।

अब शायद आप समझ ही गए होंगे , कि कंप्यूटर का उपयोग पहले किस काम के लिए किया जाता था। कंप्यूटर का उपयोग पहले गणना (कैलकुलेट) करने के लिए किया जाता था।

क्या आपने कभी सोचा है , जैसा कंप्यूटर अभी हम यूज कर रहे है , क्या ये वैसे ही दिखता था ? नहीं , ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। पहले कंप्यूटर का आकार एक बड़े से रूम के जितना होता था। समय के साथ साथ इसके आकार और कार्य करने की क्षमता में बदलाव आता गया।

आइए दोस्तो आगे हम कंप्यूटर का इतिहास पर नज़र डालें |



कंप्यूटर का इतिहास ( History Of Computer ) –

कंप्यूटर का आविष्कार आज से दो हजार वर्ष पूर्व हुआ था। तब कंप्यूटर की शुरुआत अबेकस के रूप में हुई थी।

अबेकस लकड़ी का बना एक रैक होता है , जिसमें तार लगे होते हैं। तार के ऊपर मोती लगा होता था। उस मोती को घुमाकर गणित के किसी आसान प्रश्नों का हल प्राप्त किया जाता था। जिसे बेबीलोन ने बनाया था।

यह तो सिर्फ शुरवात थी पर आगे आगे हम कंप्यूटर के इतिहास को पीढ़ियों में जानेंगे।

कंप्यूटर विकास के इतिहास को अलग-अलग पीढ़ियों से जोड़ कर देखा जाता है। कंप्यूटर की हरेक पीढ़ी एक अहम् तकनीकी विकास को दिखाता है , जिसने कंप्यूटर के काम करने के तरीके को बदला है |

इससे कंप्यूटर और भी छोटे, सस्ते, अधिक शक्तिशाली और अधिक प्रभावी व भरोसेमंद बने। यहाँ कंप्यूटर के विकास के विभिन्न चरणों की जानकारी दी जा रही है , जिसके कारण आज मौजूदा कम्प्यूटर बना है , जिनका इस्तेमाल हम सभी कर रहे हैं।

कंप्यूटर की पीढ़ियों को 5 भागों में बांटा गया है –

Computer generation – Hardware और software दोनों में तकनीकी बदलाव को ही कम्प्यूटर की पीढ़ियां कहा जाता है।

1:- पहली पीढ़ी Or First Generation Computer (1940-1956)

कंप्यूटर के पहले दौर में मेन इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट के रूप में वैक्यूम ट्यूब का यूज होता था। डाटा स्टोरेज के लिए  मैग्नेटिक ड्रम Use किया जाता था।

इस कम्प्यूटर के लिए 18000 वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया था। इन दोनों की वजह से ये काफी बड़े होते थे, और पूरे कमरे की जगह लेते थे। यह इस्तेमाल में काफी महंगे होते थे और बहुत बिजली लेते थे ( लगभग 150000 वॉट बिजली लेते थे।)

यही नहीं यह बेहद गर्मी भी पैदा करते थे , जिसके वजह से ये खराब भी हो जाते थे। पहली पीढ़ी के कम्प्यूटर का वजन लगभग 30 टन होता था। और इनका आकार लगभग 50*30 के कमरे जितना बड़ा होता था।

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर एक समय में एक ही समस्या का हल कर सकते थे। इनका इनपुट पंच्ड कार्डों और पेपर टेप थे।

यूनीवैक (यूनिवर्सल ऑटोमैटिक कंप्यूटर) और इ.एन.आई.ए.सी (इलेक्ट्रॉनिक न्यूमैरिकल इंटीग्रेटर एंड कंप्यूटर) पहली पीढ़ी के कंप्यूटर उपकर हैं।

2:- दूसरी पीढ़ी OR Second Generation Computer (1956-1963) –

इस पीढ़ी में वैक्यूम ट्यूब के प्लेस पर ट्रांजिस्टर का प्रयोग किया गया। यह वैक्यूम ट्यूब से काफी परिष्कृत था। इस पीढ़ी के कंप्यूटर छोटे, तेज, सस्ते, इलेक्ट्रिसिटी के बेहतर इस्तेमाल और पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के मुकाबले अधिक भरोसेमंद था।

हालांकि ट्रांजिस्टर भी काफी गर्मी पैदा करते थे , जिससे कंप्यूटर को नुकसान पहुँचता था, पर यह वैक्यूम ट्यूब के मुकाबले काफी बेहतर था।

दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर के इनपुट पंच कार्ड ही थे। दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में सिंबॉलिक या एसेंबली लैंग्वेज का इस्तेमाल किया गया था। ऊँचे स्तर के प्रोग्रामिंग भाषा कोबोल (COBOL) और फॉरट्रेन (FORTRAN) इसी समय खोजे गये थे।

3:- तीसरी पीढ़ी or Third Generation Computer (1964-1971)

इस पीढ़ी में ट्रांजिस्टर को छोटा कर सिलिकॉन चिप लगाया गया, जिसे सेमी कंडक्टर कहते थे।  इसने असाधारण रूप से कंप्यूटर की क्षमता और गति में बढ़ोत्तरी कर दी।

तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में मॉनिटर और की-बोर्ड का यूज किया गया। साथ ही, एक ऑपरेटिंग सिस्टम का खोज हुआ।

इस समय पहली बार कंप्यूटर आम जनता के एक बड़े भाग तक पहुँच सका , क्योंकि यह पहले के मुकाबले अधिक छोटे और सस्ते हो गए थे।

4:- चौथी पीढ़ी or Fourth Generation Computer (1971 से अब तक) : माइक्रो प्रॉसेसर

माइक्रो प्रॉसेसर के साथ ही चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर अस्तित्व में आये। इसमें बहुत से इंटीग्रेटेड सर्किट को एक सिलिकॉन चिप में लगाया गया।

1981 में आई.बी.एम ( RBM ) अपना पहला कंप्यूटर लेकर आई। जिसे हम घर में यूज कर सकते थे। चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर ने माउस, जीयूआई ( GUI ) और हाथ से पकड़े जाने वाले उपकरणों का भी विकास किया।

5:- पाँचवी पीढ़ी or Fifth Generation Computer (वर्तमान और आगे) : कृत्रिम बुद्धि

पाँचवी पीढ़ी के कंप्यूटर उपकरण जो कृत्रिम बुद्धि पर आधारित हैं, अब भी विकास की प्रक्रिया में है।

पाँचवी पीढ़ी के कंप्यूटर का लक्ष्य ऐसे उपकरणों का विकास करना है , जो नैचुरल लैंग्वेज इनपुट से चल सकें, इसके साथ ही सेल्फ लार्निंग के लायक हो।

दोस्तों आप नीचे दिए गए लिंक की सहायता से कम्प्यूटर के इतिहास का वीडियो देख सकते हैं-



आइए दोस्तो आगे हम कम्प्यूटर के प्रकारों पर प्रकाश डालते है –

कम्प्यूटर के प्रकार ( types of computer) –

ऊपर हमने आपको Computer Full Form In Hindi के बारे में बताया , अब कम्प्यूटर के प्रकार के बारे में बात करते हैं |

जब कभी हम कंप्यूटर के प्रकार के बारे में बात करते हैं , तो हमारे दिमाग में या तो हमारा लैपटॉप या डेक्सटॉप ही आता है पर कंप्यूटर यहीं तक ही सीमित नहीं है।

एक तरीके से देखा जाए , तो हम कम्प्यूटर से चारो तरफ से घिरे हुए हैं। आज हम कम्प्यूटर के प्रकारों को विभिन्न आधारों पर बांटते है –

  • एप्लिकेशन के आधार पर
  • उद्देश्य के आधार पर
  • साइज और कार्य क्षमता के आधार पर
  • आधुनिकता के आधार पर
  • एप्लिकेशन के आधार पर कम्प्यूटर के प्रकार

एप्लिकेशन के आधार पर

1. एनालॉग कम्प्यूटर

Analog Computer एक ऐसी मशीन है , जो आँकड़ों की एक भौतिक मात्रा जैसे – तापमान,लंबाई,ऊँचाई आदि को बताता है, इनके आंकड़े या रिज़ल्ट लगातार बदलते रहते है, परिवर्तित होते रहते है.

इस कम्प्यूटर की कार्यक्षमता तेज होती है. इनका परिणाम हमें ग्राफ आदि के रूप में प्राप्त होता है.

Analog Computer का उपयोग तकनीक, विज्ञान, शिक्षा आदि क्षेत्रों में किया जाता है.

उदाहरण – थर्मामीटर एक एनालॉग कम्प्यूटर हैं.

2. Digital Computer

यह कम्प्यूटर एनालॉग कम्प्यूटर से बिल्कुल ही अलग होता है. यह Computer रिज़ल्ट को अंक के रूप में प्रोसेस करता है। यह Binary System (0,1) का इस्तेमाल करता है। ये Computer गणीतिय एवम् तार्किक कार्य करने में सक्षम होता है.

उदहारण – Calculator.

Digital Computer  में सूचनाओं को स्टोर कर सकते है. सामान्य शब्दो में कहे , तो एक डिजिटल कम्प्यूटर गिनने का काम करता है , वहीं पर एक  एनालॉग कम्प्यूटर मापने का काम करता है.

3. Hybrid Computer

हाइब्रिड कम्प्यूटर, एनालॉग कम्प्यूटर और  डिजिटल कम्प्यूटर दोनों की विशेषताए लिए होते है.

Hybrid Computer इन दोनो कम्प्यूटर से फास्ट होता है, और रिज़ल्ट भी 100% सही बताता है।

उदहारण- स्पीडोमीटर

उद्देशय (Purpose) के आधार पर Computer के प्रकार

1. सामान्य उद्देश्य

जो कम्प्यूटर हम अभी यूज  करते हैं , वे सभी सामान्य उद्देश्य के कंप्यूटर होते हैं।

Desktop, Notebooks आदि सभी सामान्य उद्देश्य कम्प्यूटर हैं

2. विशिष्ट उद्देश्य

हमे नाम से समझ आ रहा कि इस प्रकार के कम्प्यूटर को किसी विशेष कार्य को करने के लिए बनाया गया है। इनका कार्य केवल किसी एक ही तरह के विशेष कार्य को करना होता है.

उदाहरण – मौसम की भविष्यवाणी करना।

आकार (Size) के आधार पर Computer के प्रकार

1. Micro Computer

Micro Computer सभी को बहुत पसंद आ रहा है। इसलिए इसका इस्तेमाल भी व्यापक रूप से हो रहा है। यह अन्य कम्प्यूटर से सस्ता एवं हल्का होता है और आकार में भी सबसे छोटा होता है.

इस प्रकार के कम्प्यूटर को सामान्य उद्देश्य जैसे, मनोरंजन, शिक्षा, घर तथा कार्यालय इस्तेमाल आदि के लिए बनाया गया है.

उदाहरण- पर्सनल कंप्यूटर, नोटपैड, लैपटॉप

2. Work Station

इसमें एक मेन कंप्यूटर होता है , जो किसी Network के ज़रिए अन्य कंप्यूटर से जुडा हुआ होता है।

उदाहरण- स्कूल के कंप्यूटर , लैब में एक मेन कंप्यूटर होता है , जो अन्य कंप्यूटर से जुड़ा होता है।

3. Mini Computer

इनका इस्तेमाल छोटे व्यवसाय तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा किया जाता है.

4. Mainframe Computer

Mainframe Computer ऊपर के सभी कम्प्यूटर से अधिक तेज तथा क्षमतावान होता है.

इनका इस्तेमाल सरकारी प्रतिष्ठानों, बड़ी-बड़ी कम्पनियों द्वारा आँकड़ों को संग्रहित करने के लिए किया जाता है. ये कम्प्यूटर आकार में बहुत बडे होते है.

5. Super Computer

Super Computer मानव द्वारा निर्मित अब तक का सबसे तेज और शक्तिशाली कम्प्यूटर है, ये कम्प्यूटर आकार में बहुत विशाल होता है।

इनका उपयोग रिसर्च, मौसम भविष्यवाणी आदि कार्यों में होता है. भारत का पहला सुपर कम्प्यूटर PARAM – 8000 सन 1991 में बनाया। भारत का सबसे तेज सुपर कम्प्युटर Pratyush and Mihir हैं.

आधुनिकता के आधार पर कम्प्यूटर (Modern Computers)

Smartphones, Cell Phones/ Mobile  Smartwatches, Fitness Trackers आदि

दोस्तो कंप्यूटर के प्रकार का वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक की मदद लेे।



कंप्यूटर के उपयोग (लाभ) (Computer Full Form In Hindi )

  • कंप्यूटर का सबसे बड़ा लाभ यह है , कि कंप्यूटर जो भी काम करता है , उसमे गलतियां नहीं होती हैं। साथ ही बड़ी से बड़ी गणना को पलक झपकते कर देता है।
  • आज हर चीज कंप्‍यूटर पर उपलब्‍ध है, हम बहुत सारा डाटा कंप्‍यूूटर में स्‍टोर कर सकते हैं और उसे कभी भी उपयोग में ला सकते है।
  • आज मोबाइल रीचार्ज, बिजली का बिल जमा करने से लेकर ऑनलाइन शॉपिग यहॉ तक कि हवाई जहाज की टिकट, रेल्वे टिकट बुकिंग आदि सारे काम कंप्‍यूटर के द्वारा आसानी से किए जा रहेे हैं। यह सब काम हम घर बैठे ही बिना समय गंवाए करते हैं। इससे हमारा वैल्यूएबल टाइम बचता ही है , जिसका उपयोग हम दूसरे काम करने के लिए लगा सकते हैं।
  • मोबाइल और इंटरनेट की मदद से सारे काम घर बैठे ही होने से ईंधन की बचत होती है। जिससे पॉल्यूशन बहुत हद तक कम किया जा सकता है।
  • हमारी बुनियादी जरूरत शिक्षा और चिकित्‍सा का रूप भी कंप्यूटर ने बदल दिया है। आप घर बैठे-बैठे ही बेस्‍ट टीचर्स / संस्‍थाओं से शिक्षा प्राप्‍त कर सकते हैं |
  • चिकित्‍सा की बात करें , तो दुनियॉ के बेहतरीन डाक्‍टर्स से इंटरनेट पर परामर्श ले सकते हैं और तो और अब हमें मैडीकल स्‍टोर जाने की भी जरूरत नहीं है, घर बैठे ही दवाईयॉ भी आर्डर कर सकते हैं,। अगर कोई सी दवाई आपके आस पास नहीं मिलती , तो भी एक क्लिक की मदद से बहुत कम समय में वह medicine आपको मिल ही जाएगी।
  • हम इंटरनेट से किसी भी टॉपिक की जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं। बस आपके कंप्यूटर / लैपटॉप / मोबाइल में इंटरनेट की सुविधा होनी चाहिए।
  • अब हम अपने परिवार या दोस्तो से कितने भी दूर रहें उन्हें देख सकते है , उनसे बातें कर सकते हैं। कहने का मतलब है , हम all time उनसे कनेक्टेड रह सकते हैं।

कंप्यूटर से हानि ( Computer Full Form In Hindi )

(1) इसकी लत , सभी को बीमार बना रहा है।

(2) स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव।

(3) मोबाइल कंप्यूटर पर ज्यादा देखने से आंखों को नुकसान।

(4) लोगों का मिलना जुलना बंद हो गया , लोग ज्यादातर सोशल नेटवर्किंग साइट जैसे ,फेसबुक ,व्हाट्सएप्प पर चैट करना ज्यादा पसंद करने लगे हैं।

(5) बड़ी कंपनियों में मजदूरों की जगह रोबोट ने ले लिया है , जिससे उनका रोजगार छीन रहा है।

(6) इंटरनेट के माध्यम से ठगी बहुत बढ़ गई है।

(7) बैंक के पर्सनल डाटा चोरी हो जाते हैं।

(8) साइबर क्राइम बढ़ रहे हैं।

उपसंहार:- हर सिक्के के दो पहलू होते है , एक अच्छा और एक बुरा।

यह बात हम पर निर्भर करती है , कि हम सिक्के का कौन सा पहलू चुनना पसंद करेंगे। कुछ लोग तो इन computers me इतना खो गए है , कि उन्हें उनकी आस पास कि दुनियां का खयाल नहीं होता है।

हम आप सभी को सिर्फ इतना ही कहना चाहेंगे , कि  कंप्यूटर को अपना हैल्पर माने ना कि जीवन का हिस्सा। परंतु हम यह भी नजर-अंदाज नहीं कर सकते हैं , कि इसके प्रयोग से सभी क्षेत्र में हमारा देश बढ़ रहा है और विश्व में अपना गौरव और अपना नाम बढ़ा रहा है।


दोस्तो हम उम्मीद करते हैं , कि आपको आज का टॉपिक ( Computer Full Form In Hindi )  कंप्यूटर का फूल फॉर्म जरूर पसंद आया होगा। यदि आपको यह पोस्ट और जानकारियां अच्छी लगी हैं , तो अपने दोस्तो और रिश्तेदारों के साथ सोशल Media के द्वारा शेयर करना ना भूलें।

धन्यवाद्

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