ISO का फुलफार्म हिंदी में – ISO Full Form In Hindi

ISO का फुलफार्म हिंदी में , ISO Full Form In Hindi 

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको ISO Full Form In Hindi के बारे में बताने जा रहें हैं। इसके साथ साथ हम ISO से जुड़ी हुई अन्य जानकारियों से भी आपको अवगत कराने वाले हैं , जैसे कि ISO क्या है, History Of ISO, कार्यप्रणाली आदि। इस पोस्ट के अंत में हम एक वीडियो भी आपसे शेयर करेंगे जिससे आप ISO को अच्छी तरह से समझ जायेंगे।

तो चलिए दोस्तो बिना समय गवांए जानते हैं ,  ISO Full Form In Hindi क्या है?

ISO Full Form In Hindi  

  •  International organizations for standardization . इसे हिंदी में अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन कहा जाता है।

ISO क्या है?

ISO एक स्वतंत्र ग़ैर सरकारी संगठन है , जो दुनिया भर की कम्पनी, उद्योग, व्यापारी एवम् व्यवसायिक संस्थानों को उनकी वस्तुओं एवम् सेवाओं की गुणवत्ता के लिए सर्टिफिकेट देता है। आसान शब्दो में कहा जाए , तो ISO एक ऐसा संगठन है , जो quality standard सर्टिफिकेट देता है।

मतलब कि जो भी सेवा या वस्तुएं हम उपभोग करने वाले हैं , उसकी क्वालिटी का standard ऐसा होगा , जिससे हमें किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।

ISO का इतिहास एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां-

  • आईएसओ ( ISO ) की स्थापना 23 फरवरी 1947 को किया गया था |
  • परंतु इसके लिए पहला बैठक 14 अक्टूबर 1946 में लंदन में आयोजित किया गया था।
  • वर्तमान समय में आई एस ओ का मुख्यालय जिनेवा (स्विट्जरलैंड) में है।
  • 1951में आईएसओ के स्टैंडर्ड का प्रकाशन किया गया था , जो कि औद्योगिक लंबाई से संबंधित था।
  • यह सबसे पहला प्रकाशन था।
  • वर्तमान समय में इस के कुल सदस्य 165 देश हैं।
  • आईएसओ के द्वारा अब तक 22041 मानक प्रकाशित किए जा चुके हैं।
  • आईएसओ के मानक प्रमाण पत्र खाद्य पदार्थों, सुरक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, तकनीकी, कृषि, नगरीकरण एवं अन्य सेवाओ आदि के लिए दिए जाते हैं।
  • प्रत्येक 5 वर्षों में आईएसओ अपने मानकों की समीक्षा भी करता है।

आईएसओ की मुख्य भाषाएं-

    • इंग्लिश
    • फ़्रेंच
    • रशियन


आई एस ओ के सदस्य

जनवरी 2018 के अनुसार आईएसओ के सदस्य देशों की संख्या 162 है।

  • हर एक सदस्य देश का एक राष्ट्रीय निकाय होता है।
  • प्रत्येक देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए एक योग्य संगठन को सदस्य के रूप में चुना जाता है।
  • पश्चिमी देशों में यह संगठन निजी क्षेत्रों से होते हैं।
  • बल्कि अन्य देशों में जिन संगठन को सदस्य बनाना होता है, वह सरकारी संगठन होते हैं।
  • अंतर्राष्ट्रीय मानक संगठन के लिए 3 सदस्यता श्रेणियां होती हैं-
    • सदस्य संस्थाएं– प्रत्येक देश की मानक संस्थाएं मानी जाती हैं। इन्हें ही आई एस ओ में बैठक होने पर मतदान का हक होता है।
    • प्रतिनिधि सदस्य- इन देशों का अपना स्वयं का मानक संगठन नहीं होता है। इन सदस्य देशों को आईएसओ की गतिविधियों के बारे में पता होता है पर ये देश प्रवर्तन में भाग नहीं ले सकते हैं।
    • अंशु दाता या उपभोक्ता सदस्य- इनमे ऐसे राष्ट्र शामिल होते हैं , जिनकी अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत कम होती है।
    • अंश दाता या उपभोक्ता सदस्य देश केवल मानकों का अनुसरण ही करते हैं।
    • अंश दाता या उपभोक्ता सदस्य देशों को अन्य राष्ट्रों की अपेक्षा कम सदस्यता शुल्क देना होता है।

आईएसओ का कार्य –

ऊपर हमने आपको ISO Full Form In Hindi के बारे में बताया , चलिए ISO के काम के बारे में जानते हैं |

ISO कंपनी की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच कर सर्टिफिकेट प्रदान करता है। आईएसओ सुनिश्चित करता है , कि कंपनी द्वारा बनाया गया प्रोडक्ट उपभोक्ता के हितों को किसी भी प्रकार से नुकसान ना पहुंचाए।

आईएसओ द्वारा जारी किए गए मुख्य मानक –

  • आईएसओ 9001 – गुणवत्ता प्रबंधन
  • आईएसओ 14001- पर्यावरण प्रबंधन
  • आईएसओ 22000- खाद्य सुरक्षा प्रबंधन
  • ISO 13485- चिकित्सा उपकरण
  • आईएसओ 639- भाषा कोड
  • आईएसओ 4217-मुद्रा कोड
  • आईएसओ 45001- व्यवसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा
  • आईएसओ37001-रिश्वत विरोधी प्रबंध प्रणाली
  • आईएसओ17025-जॉच परिक्षण और प्रयोगशाला
  • आईएसओ26000- सामाजिक उत्तदायित्व
  • आईएसओ 31000- जोखिम प्रबंधन
  • आईएसओ 50001- ऊर्जा प्रबंधन
  • आईएसओ 27001 – सूचना सुरक्षा प्रबंधन
  • आईएसओ 3166 – देश कोड
  • आईएसओ 8601- date और टाइम का प्रारूप


आईएसओ के फायदे –

  • आईएसओ सर्टिफिकेट कंपनी की गुणवत्ता और शुद्धता का प्रतीक है।
  • आईएसओ के वजह से उपभोक्ताओं या ग्राहकों के हितों की रक्षा होती है।
  • आईएसओ सर्टिफिकेट की वजह से बाज़ार में कंपनी के वस्तुओ या सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ती है।
  • ग्राहक उन्हीं वस्तुओं सेवाओं का उपभोग करना चाहता है , जो आईएसओ सर्टिफाइड होते हैं।
  • आईएसओ से प्रोडक्ट की क्वालिटी में सुधार आता है।
  • व्यापार में शुद्धता,पारदर्शिता और बढ़ोतरी होती है
  • व्यापार में आने वाली अवरोध कम होती है।

आईएसओ के लिए वीडियो – दोस्तो नीचे दिए गए लिंक के जरिए , आप आईएसओ से संबंधित वीडियो को देख सकते है |


निष्कर्ष –  हम उम्मीद करते हैं , कि आपको ISO Full Form In Hindi जानकारी पसंद आई होगी। अगर आप इसी तरह के पोस्ट पढ़ना पसंद करते है , तो हमारे इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ जरूर करें।

 

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