USB Full Form In Hindi – USB क्या है

USB Full Form In Hindi :- हम सभी अपने कंप्यूटर से मोबाइल या हार्ड ड्राइव को जोड़ने के लिए USB केबल इस्तेमाल करते है |

तो चलिए आज इस पोस्ट में हम USB Full form in hindi, USB kya hai ( USB क्या है ) , USB In hindi, USB को इस्तेमाल करने के लाभ इत्यादि के बारे में जानकारी प्राप्त करते है | तो सबसे पहले जानते है USB का फुल फॉर्म क्या है?

USB Full Form In Hindi 

USB का फुल फॉर्म है ” Universal Serial Bus ” जिसके द्वारा आप कंप्यूटर का Scanner, प्रिंटर, डिजिटल कैमरा इत्यादि के साथ कनेक्शन बना सकते है | यदि आपको कोई डाटा कंप्यूटर से इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में भेजना है या इन उपकरणों में से कंप्यूटर में लेना है , तो हम USB केबल का इस्तेमाल करते है | सभी इलेक्ट्रॉनिक Device में USB पोर्ट दिया जाता है , जहाँ केबल insert करके हम दो उपकरणों को जोड़ सके | USB सिर्फ डाटा नहीं , बल्कि इलेक्ट्रिक पावर भी सप्लाई करता है , जिससे हम मोबाइल, पावर बैंक इत्यादि को चार्ज कर सकते है |

USB द्वारा डाटा या इलेक्ट्रिक पावर सप्लाई करने के लिए USB पोर्ट और केबल दोनों की आवश्यकता है | USB का अविष्कार January 1949 में हुआ था और USB को सभी बड़ी कंपनी जैसे की माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, कॉम्पैक ने साथ मिलके बनाना शुरू किया था | USB एक standarad पे काम करता है , जिसको सबसे पहले INTEL की टीम ने तैयार किया था |

Check Out USB Cables



USB कैसे काम करता है?

USB Full Form In Hindi है , ” यूनिवर्सल सीरियल बस ” | USB टेक्नोलॉजी यह चेक नहीं करता की आप किस तरह का डाटा ट्रांसफ़र कर रहे हो , इनके लिए महत्व है , की दोनों साइड हार्डवेयर है या नहीं | सभी डाटा , सीरियल वाइज मतलब एक समय पर एक ही डाटा ट्रांसफ़र होगा | USB एक बस का काम करता है , जो डाटा सेंड और receive करने का काम करता है |

इस कनेक्शन द्वारा devices के बिच डाटा और बिजली ट्रांसफ़र की जाती है , लेकिन कनेक्शन करने के लिए USB केबल, पोर्ट और संचालित प्रोटोकॉल द्वारा होता है | USB का संचालित डिवाइस के प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा होता है और इसलिए इसे क्रॉस प्लात्फ्रोम टेक्नोलॉजी कहा गया है | यदि कंप्यूटर है , तो विंडोज द्वारा ऑपरेट होता है और मोबाइल है तो एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा होता है |

USB Versions ( USB Full form in hindi )

  • USB 1.0: सबसे पहला वर्शन 1949 में रिलीज़ हुआ और इसकी डाटा ट्रांसफ़र स्पीड 12 MBPS थी | ये तकरीबन 126 device को सपोर्ट करता था |
  • USB 2.0: यह Hi – speed डाटा ट्रांसफ़र के नाम से जाना जाता है , जिसकी डाटा ट्रांसफ़र स्पीड 480 MBPS है | यह सन 2000 में रिलीज़ हुआ था और साथ ही Backward compatiable है , जिससे USB 1.0 और USB 1.1 वाले केबल और devices को सपोर्ट करता है |
  • USB 3.0: यह सन 2008 में रिलीज़ हुआ था और इसे सुपर स्पीड USB के नाम से जाना जाता है | इसकी डाटा ट्रांसफ़र स्पीड 5 GBPS और इसका परफॉरमेंस दूसरे USB 2.0 से काफी बेहतर है |
  • USB 3.1: इसे super speed + के नाम से जानते है , क्योंकि इसकी स्पीड 10 GBPS की है , जिससे आप डाटा recieve और send करना बहुत आसान है | यह सन 2013 में रिलीज़ हुआ था और अधिकतर devices में यह इस्तेमाल होता है |
  • USB 3.2: यह सबसे लेटेस्ट है , जिसका अविष्कार 2014 में हुआ था और इसकी डाटा ट्रांसफ़र स्पीड 20 GBPS है | जो भी लेटेस्ट device रिलीज़ हुए है उसमे यह USB वर्शन का use हुआ है |

USB केबल ( USB Full Form In Hindi )

USB में कई तरह के केबल है , जिन को उनके फंक्शन्स के आधार पे differentiate किया गया है | ये फंक्शन्स डिवाइस के साथ कम्पेटिबल और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के हिसाब से काम करने के लिए बनाये गए है | USB केबल कुछ इस प्रकार है:

  • USB Type A: पहले , सभी तरह के USB केबल, डिवाइस में Type A कनेक्टर होता था | पर्सनल कंप्यूटर में भी type A पाए जाते है और ये अधिकतर keyboard और mouse जैस डिवाइस में इस्तेमाल होता है | इस तरह के केबल का इस्तेमाल पावर Adapter में भी होता है , जिससे मोबाइल या हार्ड ड्राइव चार्ज हो सके |
  • USB Type B: इस तरह के केबल चौकोर दीखते है और ये प्रिंटर्स के साथ अधिकतर इस्तेमाल होता है | जो भी powered डिवाइस कम्प्यूटर के साथ कनेक्शन बनाना चाहते है , उसमे इसका इस्तेमाल होता है |
  • Mini USB: इसे standard कनेक्टर कहा जाता है , जो नार्मल USB के मुकाबले छोटा होता है | मोबाइल फ़ोन में पहले इस तरह के कनेक्टर का इस्तेमाल होता था , लेकिन आज कल ये सिर्फ कुछ cameras में ही यूज़ हो रहे है |
  • Micro USB: ये सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला केबल है , जो मोबाइल और पोर्टेबल डिवाइस में पाया जाता है | सभी मोबाइल मनुफक्चरर्स इसका इस्तेमाल करते है , सिर्फ apple फ़ोन में इसका यूज़ नहीं होता |
  • USB Type C: इसे रिवर्सेबल केबल के नाम से जाना जाता है , जिसमें डाटा ट्रांसफ़र रेट high होता है | यह आज कल सभी लेटेस्ट स्मार्टफोन्स, लैपटॉप में इस्तेमाल किया जाता है |


USB के लाभ

  • USB को इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है और इसकी सॉकेट साइज बहुत छोटी होती है | सभी के लिए USB केबल को पोर्ट में इन्सर्ट करना बहुत आसान है |
  • किसी भी USB डिवाइस को एक्सटर्नल पावर की आवश्यकता नहीं होती , क्योंकि ये सभी होस्ट डिवाइस को 5V DC करंट देते है |
  • इसमें सिंगल interface होता है , जिससे Multiple डिवाइस के साथ कनेक्ट करने में की समस्या नहीं होती | यह सभी तरह के डिवाइस के साथ आसानी से कनेक्ट हो सकता है |
  • सभी USB कनेक्शन , प्रोटोकॉल द्वारा डाटा ट्रांसफ़र करते है , जिसमें error को आसानी से पकड़ा जा सकता है और साथ ही error फ्री ट्रांसमिशन होता है |
  • एक बार ऑपरेटिंग सिस्टम में USB ड्राइवर इनस्टॉल होने के बाद सभी डिवाइस आसानी से कनेक्ट कर सकते है |

हम सभी USB पोर्ट, केबल इस्तेमाल करते है , लेकिन आज हमे इसके बारे में अधिक जानकारी मिली होगी | USB में भी टेक्नोलॉजी के साथ बदलाव आ रहे है और ये इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का एक मुख्य हिस्सा है | हम उम्मीद करते हैं , कि आप हमारे द्वारा दी गई जानकारी ( USB Full Form In Hindi ) अच्छी लगी हो होगी , यदिअच्छी लगी हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें|

Leave a Comment